आर्य सनातन समाज, जिला-बालोद, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था के प्रमाण पत्र
विवाह संपन्न किये जोड़ो की Gallery
आर्य सनातन समाज बालोद (छ.ग.) एक पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त संस्था है आर्य सनातन समाज
आर्य सनातन समाज से विवाह के इच्छुक ध्यान दें,
शादी-माफिया दलालों से सावधान !
आर्य सनातन समाज में विवाह हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी
आर्य सनातन समाज का वर्तमान में मुख्य कार्यालय जिला बालोद में तथा उप शाखा कर्मचारी नगर दुर्ग, पदुम नगर भिलाई 3 चरोदा तथा जांजगीर चांपा के अलावा संस्था का अन्य कोई Authorized Legal Helpline, केन्द्र या शाखा अथवा मन्दिर नहीं है।
आर्य सनातन समाज विवाह हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी
आर्य सनातन समाज विवाह करने हेतु समस्त जानकारीयां फोन द्वारा प्राप्त की जा सकती है।
विवाह सम्बन्धी किसी भी प्रकार की जानकारी या पूछताछ के लिए आप मोबाइल - 8982474001 (समय प्रातः 09 से सायं 8 बजे तक) पर श्री राकेश जोशी से बात कर समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा आपको जिस दिन विवाह करना हो उस मनचाहे दिन की बुकिंग आप फोन के माध्यम से करा सकते हैं। फोन द्वारा बुकिंग करने के लिए वर-वधू का नाम पता और विवाह की निर्धारित तिथि बताना आवश्यक होगा अथवा अन्य प्रकार की धोखाधडी ना हो। सावधान करन के बाद भी जाने-अनजाने में यदि आप गलत जगह फंसते हैं, तो आर्य सनातन समाज छत्तीसगढ़ की कोई जवाबदारी नहीं होगी।
- वधु के जन्म प्रमाण हेतु हाई स्कूल की अंकसूची या कोई शासकीय दस्तावेज तथा पहचान हेतु मतदाता परिचय पत्र या आधार कार्ड अथवा पासपोर्ट या अन्य कोई शासकीय दस्तावेज चाहिए।
- विवाह हेतु वधु की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- वधु को 5 प्रति वर्तमान का रंगीन पासपोर्ट साइज़ का फोटो देना होगा।
- वर के जन्म प्रमाण हेतु हाई स्कूल की अंकसूची या कोई शासकीय दस्तावेज चाहिए।
- विवाह हेतु वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- वर को 5 प्रति वर्तमान का रंगीन पासपोर्ट साइज़ का फोटो देना होगा।
- दोनों पक्षों से दो-दो गवाह, कुल चार गवाह, जिनकी आयु 21 वर्ष से अधिक हो।
- गवाह हिन्दू, जैन, बौद्ध या सिख होना चाहिए।
- गवाहों को पहचान हेतु कोई शासकीय दस्तावेज देना होगा।
- विधवा / विधुर होने की स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक है।
- तलाकशुदा होने की स्थिति में तलाक डिग्री प्रस्तुत करनी होगी।
- वर-वधु का गोत्र भिन्न होना चाहिए।
- हिन्दू विवाह अधिनियम के अनुसार कोई निषिद्ध संबंध नहीं होना चाहिए।
- दोनों की आपसी सहमति होनी चाहिए।
- प्रदान की गई जानकारी सत्य होनी चाहिए, असत्य पाए जाने पर संपूर्ण जिम्मेदारी वर-वधु की होगी।
- पंजीयन हेतु अधिक जानकारी के लिए संस्था के संचालक से संपर्क करें।